संयुक्त किसान मोर्चा ने 18 फरवरी को राष्ट्रव्यापी रेल रोको अभियान का किया ऐलान, जानें और क्या है प्लान

16 फरवरी को किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती पर किसान संगठनों ने देशभर में अपनी एक एकजुटता दिखाने का फैसला किया है, संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ऐलान किया है कि 18 फरवरी को रेल रोको अभियान चलाएंगे.

-United Kisan Morcha announced the nationwide rail roko campaign on February 18- केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीने से भी अधिक समय से दिल्ली हिरयाणा बॉर्डर पर किसान लगातार आंदोलनरत है. गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर रैली के बाद से किसानों का विरोध प्रदर्शन अब और उग्र रुप लेता नजर आ रहा है. नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अब किसान पूरे देश में खड़ा करने की तैयारी कर रहे हैं. इसी क्रम में अब 16 फरवरी को किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती पर किसान संगठनों ने देशभर में अपनी एक एकजुटता दिखाने का फैसला किया है. संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने ऐलान किया है कि 18 फरवरी को रेल रोको अभियान चलाएंगे.

आपको बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमा पर पिछले 80 दिनों से हजारों किसान कृषि कानूनों के खिलाफ मोर्चा संभाले हुए हैं. किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बुधवार को राष्ट्रव्यापी रेल रोको अभियान का ऐलान किया. वरिष्ठ किसान नेता और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य डॉ दर्शन पाल सिंह ने बताया कि 12 फरवरी को राजस्थान के सभी टोल प्लाजा किसान फ्री कराएंगे, इसके बाद 14 फरवरी को पुलवामा हमले की सालगिरह पर शहीद जवानों और किसानों के लिए कैंडल मार्च निकाला जाएगा.

डॉ दर्शन पाल सिंह ने आगे कहा, हम 16 फरवरी को किसान सर छोटूराम की जयंती पर देश भर में एकजुटता दिखाएंगे, इसके लिए किसान सॉलिडैरिटी शो शुरू किया जाएगा. साथ ही 18 फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक राष्ट्रव्यापी रेल रोको अभियान चलाया जाएगा. दर्शन पाल सिंह के मुताबिक हरियाणा में लोगों से बीजेपी और जेजेपी नेताओं पर किसान हित में दबाव बनाने के लिए कहा गया है, अगर वह नहीं मानते तो उन्हें गद्दी छोड़ने के लिए कहें.

किसानों को NIA ने समन नहीं भेजा: सरकार
आपको बता दें कि बुधवार को किसान नेताओं को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा पूछताछ के लिए समन भेजे जाने की खबरों पर केंद्र सरकार ने सफाई दी है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को बताया कि एनआईए ने विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले किसान नेताओं को समन नहीं भेजा है. बता दें कि किसान आंदोलन से जुड़ें कई लोगों ने दावा किया था कि उन्हें एनआईए पूछताछ के लिए समन भेज रही है.-United Kisan Morcha announced the nationwide rail roko campaign on February 18-

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