Live-In Relationship VS Marriage : लिव इन रिलेशनशिप और शादी की सच्चाई

लिव -इन रिलेशनशिप क्या है? शादीशुदा लोग लिव इन रिलेशनशिप में कैसे रह सकते हैं ? लिव-इन रिलेशनशिप कानून 2020 ?

शादी भारतीय समाज का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है अगर दो लोग एक साथ रहना चाहते हैं तो उन्हें शादी करनी होगी। हमारे पूर्वजों का मानना ​​है कि शादी केवल दो लोगों के बीच नहीं होती है, बल्कि दो परिवारों के बीच होती है। लेकिन पीढ़ी दर पीढ़ी शादी केवल दो लोगों के बीच की बात बनती जा रही है, लोग समझ की कमी के कारण शादी करते हैं फिर छोटी-छोटी बातों पर तलाक ले लेते हैं नहीं सोचते कि वे एक-दूसरे के साथ रह सकते हैं, शादी से पहले आप किसी इंसान के साथ प्यार में पागल होते हैं क्योंकि आपको लगता है कि आप उसके साथ पूरी जिंदगी रह सकते हैं/ लेकिन शादी के बाद आप इज्जत नहीं कर पाते जिससे तलाक होते हैं। कुछ वर्षों से लगातार तलाक के मामले सामने आ रहे हैं भारत सरकार को उन कपल्स के लिए सही कानून बनाने के लिए सोचना जरूरी है जो एक साथ रहने की कोशिश करना चाहते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप को लेकर समाज और परिवार का नजरिया

इससे पहले, कई जगहों पर अनमैरिड कपल्स को रहने के लिए घर नहीं मिल पाता था क्योंकि उनकी शादी नहीं हुई थी। लेकिन जैसा कि अब यह कानून है कि मकान मालिक उन्हें किराए पर रहने के लिए जगह दे सकता है। लेकिन पड़ोस में रहने वाले लोग या परिवार उन कपल्स को एक अपराधी के रूप में देखते हैं और उन्हें बिल्कुल स्वीकार नहीं करते हैं। खासकर लड़कियों के लिए यह बात कही जाती है कि वह अपने परिवार की प्रतिष्ठा और नाम को कैसे बर्बाद कर रही है। बुजुर्ग इस व्यवहार को कई बार बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं और कई बार ऐसे कपल्स को शाप देते हैं, कभी-कभी वे गलत व्यवहार करते हैं और मतलबी बातें करते हैं कि उन जोड़े को अपने पड़ोस से बाहर निकाल देना चाहिए क्योंकि यह सब देखकर उनके बच्चे भी यही काम करेंगे और उन्हें शर्मिंदा करेंगे।

क्या है लिव इन रिलेशनशिप की सच्चाई

लिव इन प्यार का एक शुद्ध रूप भी है यदि आप इसे सही तरीके से देखते हैं तो यह न केवल सेक्स करने के बारे में है  बल्कि यह जानने के लिए  कि आप एक दूसरे को कैसे खुश रख सकते हैं  किसी बीमारी या समस्या में  एक दूसरे का कैसे  सपोर्ट कर सकते हैं  आप एक दूसरे को कितना सम्मान देते हैं और एक दूसरे के परिवार और उसकी वैल्यू को भी समझ सकते हैं  सबसे जरूरी यह जानना है कि कपल्स के बीच में प्यार है या सिर्फ आकर्षण। प्रेम और आकर्षण में बहुत बड़ा अंतर है। ज्यादातर लोग प्यार के बारे में सोचते हैं और शादी कर लेते हैं लेकिन शादी के बाद उन्हें पता चलता है कि यह केवल आकर्षण था। लिव इन रिलेशनशिप कई जिंदगियों को बर्बाद होने और मानसिक स्वास्थ्य को खराब होने से बचाता है।।

लिव इन रिलेशनशिप और शादी

क्या होगा अगर दो लोगों की शादी हो जाती है और कुछ समय बाद पता चलता है कि वे एक साथ खुश नहीं हैं और समाज और अन्य कारणों की वजह से तलाक नहीं ले सकते हैं, तो इससे उन दोनों के साथ-साथ परिवार का भी जीवन खराब हो जाएगा, खुशी जबरदस्ती के रिश्तो में नहीं हो सकती। लिव इन रिलेशनशिप वह है जिसमें दोनों पार्टनर जानना चाहते हैं कि वे एक साथ रह सकते हैं या नहीं। लेकिन जमाने के धीरे-धीरे बदलने के बाद भी इस बात को मानना थोड़ा सा मुश्किल है समाज के एक हिस्से के लिए.समाज को ‘हम’ बनाते है। हम बदलेंगे तो समाज बदलेगा, पर इसके लिए अपनी मानसिकता बदलना सबसे ज्यादा जरूरी है जिसे आप देश और देश के लोगों को अपनी बात समझा सकते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप से संबंधित भारतीय कानून

वक्त के साथ साथ इस तरीके के कई मामले आने के कारण समाज और कपल्स के परिवारों के बीच में बहुत तनाव आने लगा जब मामला कोर्ट के पास पहुंचा तब सुप्रीम कोर्ट ने भी लिव इन रिलेशनशिप को कानूनी मान्यता दे दी। समाज और अन्य धर्म चाहे इसको न मानते हो लेकिन भारतीय कानून इसको अपराध नहीं मानता। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे मामलों में फैसला सुनाते हुए कहा था कि लिव-इन रिलेशनशिप न तो कोई अपराध है और न ही पाप. शादी करने या न करने और सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाने का फैसला पूरी तरह से निजी है दो बालिग लोगों के बीच में।

 

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