अन्नदाता की शहादत से नहीं, ट्रैक्टर रैली से शर्मिंदा हुई मोदी सरकार: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आज यानी मंगलवार को फिर से ट्विटर के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोला है, राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अन्नदाता की शहादत से नहीं लेकिन ट्रैक्टर रैली से शर्मिंदा हो रही मोदी सरकार.

-Modi government embarrassed by tractor rally, not by martyrdom of Annadata: Rahul Gandhi- देश की राजधानी दिल्ली के बॉर्डर पर किसानों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को लेकर विपक्षी लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रुख अपनाए हुए है. वहीं कांग्रेस के पू्र्व अध्यक्ष राहुल गांधी आए दिन मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट करते है. इसी कड़ी में राहुल गांधी ने आज यानी मंगलवार को फिर से ट्विटर के जरिए केंद्र सरकार पर हमला बोला है. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अन्नदाता की शहादत से नहीं लेकिन ट्रैक्टर रैली से शर्मिंदा हो रही मोदी सरकार.

राहुल गांधी ने आज यानी मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि, ”60 से ज़्यादा अन्नदाता की शहादत से मोदी सरकार शर्मिंदा नहीं हुई लेकिन ट्रैक्टर रैली से इन्हें शर्मिंदगी हो रही है!”

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बता दें कि इन दिनों राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार को अपने निशाने पर लिए हुए हैं. लगभग हर रोज उनका एक ट्वीट सामने आता है, जिसमे वे सीधे प्रधानमंत्री मोदी या फिर उनकी सरकार पर सवाल उठाते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के किसान आंदोलन पर समिति बनाने के फैसले को लेकर भी राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे. राहुल गांधी ने कहा था कि क्या कृषि क़ानूनों का समर्थन करने वालों से न्याय की उम्मीद की जा सकती है? उन्होंने ट्वीट किया, ”क्या कृषि-विरोधी क़ानूनों का लिखित समर्थन करने वाले व्यक्तियों से न्याय की उम्मीद की जा सकती है? ये संघर्ष किसान-मज़दूर विरोधी क़ानूनों के ख़त्म होने तक जारी रहेगा. जय जवान, जय किसान!”

किसान आंदोलन पर कहां तक पहुंची बात?
सुप्रीम कोर्ट ने किसानों और सरकार के बीच जारी गतिरोध को खत्म करने के उद्देश्य से कमेटी गठित की है. इस कमेटी में सदस्य के तौर पर भारतीय किसान यूनियन नेता भूपिंदर सिंह मान, महाराष्ट्र के शेतकरी संगठन के नेता अनिल घनवटे, कृषि विशेषज्ञ अशोक गुलाटी और खाद्य नीति विशेषज्ञ प्रमोद जोशी को शामिल किया गया है.

शीर्ष अदालत ने आदेश में कहा है कि 4 सदस्यीय कमिटी 10 दिन में काम शुरू करेगी और 2 महीने में रिपोर्ट देगी. अगली सुनवाई 8 हफ्ते बाद होगी. बता दें कि तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 48 दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर जारी है. इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सरकार और किसान संगठनों के बीच आठ दौर की बैठकें हो चुकी है. अगली बैठक 15 जनवरी को तय है.-Modi government embarrassed by tractor rally, not by martyrdom of Annadata: Rahul Gandhi-

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