देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की उम्र में निधन

लंबी बीमारी के बाद भारत रत्न से सम्मानित पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की मृत्यु

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी 10 अगस्त से  फेफड़ों में संक्रमण की वजह से आर्मी हॉस्पिटल (Army Hospital) में भर्ती थी। वे काफी समय से कोमा में थे और वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। प्रणब मुखर्जी के बेटे ने ट्वीट करके उनके निधन की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके शोक व्यक्त किया।

जुलाई 2012 में उन्होंने 13वे राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। वह 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे। 1969 पहली बार देश के सांसद बने। उन्होंने पश्चिम बंगाल से राजनीति की शुरुआत की और दिल्ली तक पहुंचे, 1973 में पहली बार इंदिरा सरकार में मंत्री बने। प्रणब मुखर्जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में एक वरिष्ठ नेता रहे। वह कांग्रेस सरकार में भी अहम पदों पर रहे। वह 1980 से 1985 तक राज्यसभा में सदन के नेता भी रहे।1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद मुखर्जी का राजनीतिक जीवन फिर से शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिम्हा राव ने उन्हें 1991 में योजना आयोग प्रमुख और 1995 में विदेश मंत्री नियुक्त किया। मुखर्जी 2004 में लोकसभा में सदन के नेता बने। उन्होंने पश्चिम बंगाल के जंगीपुर से एक लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ा और जीता, जिसे बाद में उन्होंने 2009 में बरकरार रखा। 2009 से 2012 तक देश के वित्त मंत्री और रक्षा मंत्री भी रह चुके हैं। वह 2019 में भारत रत्न से सम्मानित हुए और1997 में  प्रणब दा को सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार मिला ।

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